
पहले मेरे पास खेती के लिए बैल न थे, न उपकरण और न ही पर्याप्त संसाध। इसी कारण मेरी पैदावार और आय बहुत कम थी और परिवार का पालन पोषण मुश्किल से हो जाता था,मेरे जीवन में सबसे बड़ा बदलाव यह रहा की मैने स्वयं हैंड ट्रेक्टर चलना सीखा और अपने और अपने खेत की जुताई करने लग। इससे मुझे अपने गांव में एक नई पहचान मिली। अब लोग मुझे “ट्रेक्टर वाली बहन” के नाम से जानते हैं, क्योकिं मैं खुद अपने खेत जोतती हूँ और अन्य किसानो की मदद भी करती हू।
आज मैं खेतो से नियमित आय अर्जित कर रही हूँ और आत्मनिर्भर तथा आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस करती हूँ।
मैं अपने जीवन में आये इस बदलाव पर बहुत गर्व महसूस करती हूँ।
मैं MVDA की बहुत आभारी हूँ, जिसने मेरे जीवन को नयी दिशा और पहचान दी।
बर्फी देवी
ग्राम कफोल, बासर